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Superstition Vs Ancient Hindu Ideology : EPISODE 3- "Theory of relativity of time: By Einstein: How it relates to ancient Hindu Science and customs – How the same is related to the story of Krishan as 'Ranchhod Das Maharaj'. Defining HINDUISM has never been easy for any philosopher or any learner / scholar. The term 'Hinduism' came much later into existence (around 4000 BC), while Hindu tradition and rituals had been following since much before, people came across from west of NWP defined all civilization across the east of river SINDHU as Hindu (laterally derived from word River SINDHU). While going through all the rituals I personally felt that our Hindu Ideology has been scientifically defining many things even much before the western world findings, going forward in this part lets discuss how TWIN PARADOX THEORY is related to Sri Krishna' advent ........ In the Twin paradox Theory ,given by one of the great modern scientists Mr. Einstein, A scenario has ...
" Sense of History- " कल का इतिहास आज का भविष्य" Episode 2 ND :1 857 की क्रांति में बहराइच बलरामपुर श्रावस्ती गोंडा के सपूतों का योगदान , इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए , इस भाग में बात करते हैं एक और नायक की गोंडा के राजा देवी बक्श सिंह राजा देवी बक्श सिंह एक विशाल व्यक्तित्व और मजबूत शरीर के धनी और अजनबाहु भी थे , कहते हैं बचपन में एक बार नवाब लखनऊ के दरबार में एक बिगड़ैल घोड़े "सब्ज" को उन्होंने वश में कर लिया था तब से बेगम मलिका किश्वरजहाँ ने उन्हें अपने गोद में बिठाया और मात्र स्नेह दिया जिस वजह से उनका लगाव नवाब दरबार से हमेशा बना रहा और १८५७ की क्रांति के समय वो बेगम हज़रात महल के सहायक के तौर पर बहराइच , बलरामपुर , गोंडा में संगठन मजबूत करने में अहम् भूमिका निभायी तथा प्रत्येक बैठक के मुख्य किरदार रहे कहा जाता है की अंग्रेजों ने देवी बक्स सिंह को रानी के साथ छोड़ने के बदले में उनका राज्य जब्त नहीं किया जायेगा ऐसा प्रलोभन दिया था , लेकिन उन्होंने कहा की शरीर रहते वो अपने माँ का साथ नहीं छोड़ेंगे अंततः 4 मार्च 1857 को राजा साहे...
बस यूँ ही मजाक मजाक में ........। चुनाव आया चुनाव आया ! देखो अपने संग क्या क्या लाया बिन पेंदी के लूटा लाया , दाल बदलू कुछ नेता लाया संग बरसाती मेघा* लाया- खींस निपोरे प्रत्याशी लाया दलितों का फिर आव्हान होगा गरीबों का फिर पहचान होगा स्वर्णो का फिर वही हाल होगा पिछडो को और पिछड़ा बताने का शुरू फिर से नया अभियान होगा फिर !! आरक्षण का कड़वा लड्डू लाया,योजनाओं का बक्सा लाया चुनाव आया चुनाव आया ! देखो अपने संग क्या क्या लाया खुद की दुर्दशा पर जनता को, खुद ही जिम्मेदार होना होगा भेड़ियों से बचने के लिए हिरन को खुद ही होशियार होना होगा ! न बंटें,हिन्दू - मुस्लिम पुनः इस बार, ऐसा कोई फ़लसफ़ा तैयार करना होगा फिर !! गेरुआ,लाल,नीला ,हरा टोपी लाया,सपनो के गुब्बारे लाया चुनाव आया चुनाव आया देखो अपने संग क्या क्या लाया ( *संग बरसाती मेघा= चुनाव के ठीक पहले उत्पन्न राजनितिक कार्यकर्त्ता ) --दिवाकरलाला
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